पढ़ें अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से जुड़ी कुछ खास बातें और किस्से

दाऊद इब्राहिम का नाम दुनिया के सबसे बड़े अपराधियों में शुमार किया जाता है। भारत की खुफिया एजेंसियां उसकी तलाश में हैं। माना जाता है कि वो मिडिल ईस्ट के किसी देश या फिर पाकिस्तान में छुपा है। एक थ्योरी ये भी है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उसको पनाह दी हुई है। लेकिन दाऊद कैसे बना इतना बड़ा अपराधी? आइए जानने की कोशिश करते हैं।

पांच फुट चार इंच जैसे छोटे कद का ये अपराधी जरायम की दुनिया में बड़ा कद रखता है। 2003 में अमेरिका ने उसे ग्लोबल टेररिस्ट माना। इंटरपोल उसकी तलाश में है। 2011 में फोर्ब्स ने उसे दुनिया के सबसे खतरनाक अफराधियों की सूची में रखा था। 1986 में तो वो भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में घुस गया था और सभी को गाड़ी गिफ्ट देने की बात कही थी। कहा जाता है कि कपिल देव ने उसे वहां से बाहर जाने को कहा था।

फोर्ब्स की वेबसाइट के मुताबिक पाकिस्तान के जिस मकान में दाऊद रहता है उसे व्हाइट हाउस कहा जाता है। विकीपीडिया पर मौजूद जानकारी के मुताबिक 26 नवंबर 1955 में दाऊद का जन्म हुआ था। महाराष्ट्र के रत्नागिरी इलाके में वह पैदा हुआ था लेकिन उसने अपनी जड़ें फैलाईं मुंबई में। माना जाता है कि उसे फिल्मों, क्रिकेट और घुड़दौड़ देखने का बहुत शौक है।

दाऊद के पिता इब्राहिम कासकर पुलिस में थे लेकिन बेटे ने पैसा कमाने के लिए शॉर्टकट चुना और उसी रास्ते पर आगे चलकर वह बन गया सबसे बड़ा क्रिमिनल। माना जाता है कि उसने अपने आपराधिक करियर की शुरुआत करीम लाला के गैंग से की थी जो उस वक्त मुंबई का जाना माना अपराधी हुआ करता था।

हाजी मस्तान गैंग के साथ भी दाऊद के रिश्ते थे और अपराध की इस राह पर चलने के लिए उसने पढ़ाई से भी नाता तोड़ लिया था। 1980 के दशक में दाऊद मुंबई का डॉन बन गया और अपने गुनाहों की इबारतें ‘खून’ से लिखने लगा। सट्टा बाजार से लेकर शेयर बाजार तक सब कुछ उसके इशारों पर चलने लगा और फिर बॉलीवुड भी उसके सामने नतमस्तक होने लगा।

मुंबई ब्लास्ट

इस सबसे बीच दाऊद पर पुलिस अब सख्त होने लगी थी और वह भी समझ रहा था कि अब बहुत ज्यादा दिन मुंबई पर राज करना आसान नहीं है और फिर उसने देश को अलविदा कह दिया। कहते हैं कि पैसे और पावर के लिए कुछ भी कर सकने को तैयार दाऊद ने ही 90 के दशक की शुरुआत में मुंबई में सीरियल ब्लॉस्ट भी कराए। 12 मार्च 1993 को मुंबई में 13 जगह ब्लास्ट हुए, इन धमाकों में 350 लोग मारे गए। माना जाता है कि इन हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ था जिसे दाऊद ने थाम लिया था।

ओसामा के साथ रिश्ते

माना जाता है कि 90 के दशक में तालिबान की देख रेख में दाऊद ने अफगानिस्तान की यात्रा भी की थी। अमेरिकी रिपोर्ट्स के मुताबिक दाऊद और ओसामा के बीच लेन-देन भी हुआ था। दुबई में बैठ कर दाऊद मुंबई पर राज करता था और ओसामा, अल कायदा और पाकिस्तान के आदेशों को मानता था। भारत ने कई बार कहा कि दाऊद पाकिस्तान में है लेकिन पाकिस्तान ने हर बार इन आरोपों से इंकार कर दिया। कई बार उसके पाक-अफगान सीमा पर होने की खबरें आईं लेकिन पाकिस्तान ने इन खबरों को झूठा बताया।

पाकिस्तानी कनेक्शन

दाऊद की बीवी का नाम महजबीन, बेटियों के नाम माहरुख और माहरीन, बेटे का नाम मोईन हैं। अपने इस परिवार के साथ वह पाकिस्तान में रहता है। पाकिस्तान के चर्चित क्रिकेटर जावेद मियांदाद के बेटे के साथ दाऊद की बेटी माहरुख की शादी हुई थी। इस शादी में पाकिस्तान की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। माना जाता है कि अभी भी दाऊद पाकिस्तान में ही है और भारत में बैठे अपने गुर्गों की मदद से अभी भी दहशत फैला रहा है।