कहते हैं शास्त्र, जिसकी पत्नी में होते हैं ये 5 लक्षण वो कभी नहीं बनता धनवान

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हमारे प्राचीन शास्त्र सिर्फ पूजन पद्धति की जानकारी देने वाली पुस्तकें ही नहीं हैं, बल्कि इनमें सुखी जीवन के सूत्र भी बताए गए हैं। इनमें प्राचीन मंत्रद्रष्टा ऋषियों के अनुभव का सार है जो आज भी हमें प्रेरणा देता है। शास्त्रों में गृहस्थ जीवन की सफलता के लिए उपयोगी अनेक बातें बताई गई हैं। इनमें शुभ तथा अशुभ फल देने वाले कार्यों का विस्तृत ​वर्णन है। भविष्य पुराण के ब्राह्म पर्व में ऐसे लक्षणों का काफी वर्णन किया गया है। जानिए स्त्री के उन लक्षणों के बारे में जो उसके पति को हमेशा गरीब रखते हैं।

1. नित्य स्नान करना अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इस ग्रंथ में सुखी गृहस्थ जीवन के लिए आवश्यक माना गया है कि स्त्री नित्य स्नान करे। नित्य स्नान न करने से शरीर में सुस्ती आती है और गृहस्थी के कार्यों में शिथिलता आ सकती है। यही नहीं, रोज स्नान न करने से शरीर भी निरोग नहीं रहता है। यह स्थिति दीर्घकाल के लिए शुभ नहीं रहती।

2. शरीर के साथ ही घर की सफाई भी आवश्यक है। जिस घर में नियम से सफाई नहीं होती, वहां दरिद्रता का वास होता है। विज्ञान भी मानता है कि जहां सफाई न हो वहां कीटाणु व बीमारियां पनपती हैं। ऐसे स्थान में रहने वाला व्यक्ति कई रोगों का शिकार हो सकता है। यह स्थिति किसी विपदा से कम नहीं होती।

3. सुखी गृहस्थी के लिए मधुर वचन भी आवश्यक हैं। जो स्त्री कठोर शब्द बोलने की अभ्यस्त हो, उसके घर में सुख—शांति का वास नहीं हो सकता। इस बात की काफी आशंका है कि वहां लड़ाई-झगड़े का माहौल हो। यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति किसी को भी विचलित कर सकती है।

4. भारतीय संस्कृति में सुबह देर तक सोने को प्रशंसनीय नहीं माना गया है। खासतौर पर स्त्री के लिए उत्तम नहीं है, क्योंकि इससे कई कार्य बाधित हो सकते हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य खराब हो सकता है। वहीं शास्त्रों में ऐसे व्यक्ति को भी भाग्यशाली नहीं माना गया जिसकी पत्नी हमेशा कुछ न कुछ खाती रहती है। आयुर्वेद में इस प्रवृत्ति को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है।

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