मकर संक्रांति के दिन भूलकर भी न करें ये 4 काम, वरना मिलेगा बुरा परिणाम

surya dev
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मकर संक्रांति दान और पुण्य का दिन है। जब सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस दिन को मकर संक्रांति कहते हैं। उत्तर भारत में इस दिन काफी संख्या में लोग पतंग उड़ाकर खुशी मनाते हैं। वास्तव में पतंगबाजी जैसी परंपराएं तो इस दिन बहुत बाद में शुरू हुईं। मूलत: यह दिन धर्म और अध्यात्म के लिए ही है।

14 जनवरी 2018 को दोपहर 1:47 बजे सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। यह संक्रांति अगले दिन 5:11 बजे तक रहेगी। इसी के साथ खरमास का समापन हो जाएगा। आपने मकर संक्रांति के दिन लोगों को विभिन्न प्रकार की वस्तुएं दान में देते देखा होगा, लेकिन ऋषियों ने इस दिन कई कार्य करने का निषेध भी किया है। जानिए उन कार्यों के बारे में जो मकर संक्रांति के दिन नहीं करने चाहिए।

1. मकर संक्रांति एक पुण्य काल है। बेहतर होगा कि इस दिन कोई पुण्यदायक काम करें। इस दिन किसी को कड़वे वचन नहीं बोलने चाहिए। इस दिन क्रोध और कटु वचनों से दूर ही रहना चाहिए। ऐसे कार्य आपका पुण्य नष्ट करते हैं।

kites
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2. हिंदू धर्म में गाय को मां का दर्जा दिया गया है। इस दिन गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि मकर संक्रांति पर भूलकर भी गाय को कष्ट न दें। शास्त्रों में गाय के हिस्से को हड़पने और उसे सताने को बहुत बड़ा पाप माना गया है। ऐसे व्यक्ति पर शनिदेव का प्रकोप होता है और उसके बुरे दिन आ जाते हैं।

3. चूंकि मकर संक्रांति के दिन काफी संख्या में लोग दान करते हैं। ऐसे में इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि जिस वस्तु का दान करें वह नई और अच्छी हालत में हो। पुरानी, खराब और टूटी-फूटी चीजें दान करने से न तो पुण्य मिलता है और न ही सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ऐसे व्यक्ति पाप के भागी होते हैं।

4. यूं तो हमारे शास्त्रों में प्रकृति का बहुत सम्मान किया गया है और वृक्षों की महत्ता बताई गई। फिर भी मकर संक्रांति के दिन इस बात का आवश्यक रूप से ध्यान रखना चाहिए कि किसी वृक्ष को न काटें। माना जाता है कि जो व्यक्ति मकर संक्रांति के दिन वृक्ष को काटता है, उसकी संतान को कष्ट की प्राप्ति होती है।