कहते हैं शास्त्र, इन खास जगहों पर प​ति-पत्नी को कभी नहीं बनाने चाहिए संबंध

husband wife
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स्त्री और पुरुष में आकर्षण प्रकृति की देन है। संतान के जन्म के लिए यह आकर्षण आवश्यक है। इसके लिए हमारे प्राचीन ऋषियों ने अनेक नियम बनाए हैं जिनमें मर्यादा का खास ध्यान रखा गया है। विभिन्न पुराणों में पति-पत्नी के संबंधों के विषय में वर्जित बातों का विस्तार से वर्णन किया गया है। इनमें एक ​आवश्यक बिंदु है — पति-पत्नी को किन स्थानों पर संबंध नहीं बनाने चाहिए? जानिए विभिन्न पुराणों में किन स्थानों को वर्जित बताया गया है।

1. सनातन धर्म में अग्नि को देवता कहा गया है। अत: ऋषियों ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जहां अग्नि का स्थान हो वहां संबंध नहीं बनाने चाहिए।

2. यदि घर में कोई व्यक्ति रोगी हो तो उसकी सेवा करना पुण्य है, परंतु उस स्थान के निकट पति-पत्नी के संबंधों को वर्जित माना गया है। ऐसा स्थान स्वास्थ्य के लिहाज से ठीक नहीं होता।

3. शास्त्रों के अनुसार जल में वरुण देवता का निवास होता है। अत: जल स्थान में मल-मूत्र विसर्जन को पाप माना गया है। इसी प्रकार जल स्थान के निकट संबंध बनाने को भी पाप माना गया है। मान्यता है कि इससे दोनों के जीवन में कड़वाहट आ जाती है।

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4. हर धर्म में मृत देह का बहुत सम्मान किया जाता है। इसलिए ऋषियों ने श्मशान की पवित्रता और मर्यादा रखने का निदेश दिया है। अत: ऐसे स्थान पर संबंध बनाना किसी महापाप से कम नहीं होता। यह स्थान वर्जित है।

5. देवमंदिर हमारे लिए श्रद्धा का स्थान होते हैं। यहां पूजन, भजन, ध्यान और जय-जयकार करने से पुण्य मिलता है। ऐसे स्थान का किसी अन्य प्रयोजन के लिए इस्तेमाल बहुत दुखदायक हो सकता है। अत: देवमंदिरों की पवित्रता का सदैव पालन करना चाहिए।

6. वह स्थान जहां ऋषि-महात्मा, संन्यासी रहते हों, वह आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के लिए ही उपयुक्त है। ऐसे स्थान पर संबंधों बनाने के बारे में सोचना भी पाप है। अत: इनका सम्मान बरकरार रखते हुए मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।