भारत को सुपर पावर बनाना चाहते हैं तो हमें चीन की ये बातें अपनानी ही होंगी

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हर देश के लोगों की यह इच्छा होती है कि दुनिया उनका सम्मान करे, उनका देश एक महाशक्ति के रूप में पहचाना जाए, परंतु हर शक्तिशाली देश के पीछे कई लोगों का बलिदान और एक रणनीति होती है। आज के दौर में हमारे पड़ोसी देश चीन का उदाहरण दिया जा सकता है जो आर्थिक और सैन्य महाशक्ति है। यह सब इतना आसान नहीं था, क्योंकि आज से 70 साल पहले चीन की स्थिति भारत से बेहतर नहीं थी। उसके विकास के पीछे एक सुदृढ़ रणनीति है। अगर हम भी इन पर अमल करें तो भारत आर्थिक और सैन्य क्षेत्र में महाशक्ति बन सकता है।

बढ़ती आबादी पर नियंत्रण
हर देश के लिए सबसे पहली जरूरत संतुलित मानव संसाधन है। चीन में जब बेतहाशा आबादी बढ़ने लगी तो वहां की सरकार ने उस पर नियंत्रण के लिए कठोर कदम उठाए। इसका फायदा अर्थव्यवस्था में देखने को मिला। आज भारत को भी ऐसे ही नियम की जरूरत है। इसका फायदा खाद्यान्न, चिकित्सा सुविधा, आवास और शिक्षा के रूप में मिलेगा।

भ्रष्टाचार की रोकथाम
भारत की तरह ही चीन में भी भ्रष्टाचार एक बड़ी समस्या है, लेकिन चीनी सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए अत्यधिक कठोर कदम उठाए। हाल में 10 लोगों को गंभीर अपराध तथा भ्रष्टाचार का दोषी पाए जाने के बाद एक स्टेडियम में लाकर सबके सामने गोली मार दी गई।

chinese family
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शिक्षा और रोजगार
चीन में शिक्षा और रोजगार दोनों का ध्यान रखा गया है। आप जानते ही होंगे कि चीन का माल आज पूरी दुनिया में बिक रहा है जो काफी सस्ता होता है। चीनी विद्यार्थियों को स्कूली पढ़ाई के दौरान लघु और कुटीर उद्योगों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे उन्हें रोजगार तलाशने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती।

स्वभाषा का सम्मान
कहा जाता है कि जो देश खुद की भाषा और संस्कृति को भुला देता है वह अपना भविष्य गंवा देता है। चीन ने इस बात का ध्यान रखा। वहां लोगों का पहनावा और औद्योगिक विकास भले ही पश्चिम से प्रभावित हो लेकिन उन्होंने चीन की मंदारिन भाषा का त्याग नहीं किया। वहां हर कोर्स मंदारिन में उपलब्ध है। चीन के लोग अपनी भाषा पर गर्व करते हैं।