धमाकों से दहला सीरिया, अमेरिका ने यूके-फ्रांस के साथ किया जबर्दस्त हमला

syria attack
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दमिश्क. सीरिया की राजधानी दमिश्क एक बार फिर जबर्दस्त धमाकों से थर्रा गई। अमेरिका ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर सीरिया पर हवाई हमले किए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने देश के नाम एक संबोधन में बताया कि ये हमले कथित केमिकल अटैक के विरोध में किए गए हैं। हमले के बाद दमिश्क में खूब धमाके हुए और इमारतों में कंपन होने लगा। आसमान में धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया।

1. इन हमलों में ब्रिटेन और फ्रांस ने अमेरिका का साथ दिया। इनके राष्ट्राध्यक्षों ने इन हमलों को जायज करार दिया है। इन हमलों में अमेरिका ने टॉमहॉक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। ये अपनी अचूक मारक क्षमता के लिए जानी जाती हैं। रूस ने इन हमलों पर कड़ा ऐतराज जताया है। रूस ने कहा है कि यह राष्ट्रपति पुतिन का अपमान है और इसे भविष्य में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

2. कुछ दिनों पहले कथित केमिकल अटैक के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप खफा हो गए। उन्होंने अपने ट्वीट में सीरिया के राष्ट्रपति असद को ‘जानवर’ तक लिख दिया था। गुस्साए ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि बहुत जल्द अमेरिका की ओर से मिसाइलें आ रही हैं। इसके बाद ही विश्व मीडिया में यह कयास लगाए जा रहे थे कि अमेरिका की ओर से कोई बड़ा हमला जरूर होगा।

3. ट्रंप ने देश के नाम संबोधन में कहा था कि असद अपने ही देश के लोगों के खिलाफ रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सेना को असद के रासायनिक हथियार के ठिकानों पर हमला करने का आदेश दिया गया है।

4. ट्रंप ने असद के बारे में कहा था, ‘यह किसी इंसान की हरकत नहीं हो सकती है। यह एक शैतान की इंसानियत के खिलाफ की गई हरकत है। आज रात किए हमले के पीछे हमारा उद्देश्य रसायनिक हथियारों के निर्माण और प्रयोग करनेवालों को चेतावनी देना है। रासायनिक हथियारों का प्रयोग और निर्माण दोनों को रोकना हमारा उद्देश्य है।’ … सीरिया पर इस मिसाइल हमले का रूस के अलावा चीन और ईरान ने भी विरोध किया है।

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