बीवियों द्वारा सताए गए पुरुषों के लिए खुल गया ये आश्रम, लोग खूब हो रहे ‘भर्ती’

patni pidit ashram
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अभी तक आपने ऐसी महिलाओं के बारे में तो सुना होगा जो अपने पतियों की सताई हुई हैं। उनकी समस्या सुनने के लिए कई एजेंसियां और आयोग हैं जो उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करते हैं। आज हम आपको उस आश्रम के बारे में बताएंगे जो पुरुषों के लिए है। जानकारी के अनुसार, यहां वे पुरुष आसरा लेते हैं जो अपनी बीवियों द्वारा सताए गए हैं। यहां रहकर वे अपना दर्द भुलाने की कोशिश करते हैं और जिंदगी सामान्य तरीके से जीते हैं।

इस आश्रम का नाम पत्नी पीड़ित पुरुष आश्रम है। यह महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित है। यहां ऐसे कई लोग रह रहे हैं जो यह दावा करते हैं कि उन्हें उनकी बीवियों ने खूब सताया है। यह आश्रम उन पुरुषों को कानूनी मदद मुहैया कराता है और अदालतों में अपना पक्ष मजबूती से रखने की सलाह देता है।

इष्ट देव है कौआ
इस आश्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया में काफी चर्चा पा चुकी हैं। यह औरंगाबाद से सिर्फ 12 किमी की दूरी पर शिरडी-मुंबई हाईवे पर स्थित है। इस आश्रम की एक और विचित्र बात सबका ध्यान आकर्षित करती है। यहां कौए की पूजा की जाती है। आश्रम की छत पर कौए की एक मूर्ति भी है। इसकी वजह पूछने पर आश्रम की ओर से बताया गया कि जिस प्रकार मादा कौआ अंडे देकर उड़ जाती है लेकिन नर कौआ बच्चों का पालन पोषण करता है। यही स्थिति उन पुरुषों की है जो अपनी बीवियों द्वारा प्रताड़ित किए गए हैं।

woman hitting
woman hitting

वे बहुत परिश्रम कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, परंतु जब उन्हें परेशान किया जाता है तो उनकी मदद के लिए कोई आगे नहीं आता। समाज और कानून उन्हें ही दोषी मानते हैं, क्योंकि समाज में एक धारणा बना दी गई है कि हमेशा पुरुष ही दोषी होता है। वास्तव में यह बात सत्य नहीं है। कई मामलों में यह देखने में आया है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं। ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि उन्हें अदालतों से इन्साफ मिले। पत्नी पीड़ितों को समर्पित यह आश्रम ऐसे पुरुषों की मदद करने का दावा करता है।

खुद करते हैं पूरा काम
आश्रम में रहने वाले पुरुष खुद ही अपने लिए खाना बनाते हैं। वे पूरे आश्रम की सफाई करते हैं और दूसरे जरूरी कामों में हाथ बंटाते हैं। यहां आने वाले लोगों विभिन्न क्षेत्रों के पेशेवर होते हैं। इस तरह वे अपनी कमाई से आश्रम को आर्थिक सहयोग करते हैं। आश्रम के संस्थापक भारत फुलारे भी दावा करते हैं कि वे पत्नी पीड़ित हैं। उन्होंने समान विचारधारा के लोगों को साथ लेकर 2016 में आश्रम शुरू किया। तब से यह आश्रम काफी चर्चा में है।